बारिश का मौसम किसानों के लिए राहत लेकर आता है, लेकिन इसी समय एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठता है—क्या बारिश के तुरंत बाद यूरिया डालना चाहिए?
कई किसान बिना सही जानकारी के बारिश के तुरंत बाद यूरिया का प्रयोग कर देते हैं, जिससे खाद का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। सही समय और सही तरीके से यूरिया का उपयोग करने पर ही फसल को आवश्यक नाइट्रोजन मिलती है और उत्पादन बेहतर होता है।
इस लेख में हम जानेंगे कि बारिश के बाद यूरिया कब डालें, किन परिस्थितियों में न डालें और किन बातों का विशेष ध्यान रखें।

हर बार नहीं।
यदि खेत में पानी भरा हुआ है या मिट्टी बहुत गीली है, तो यूरिया डालने से उसका बड़ा हिस्सा बह सकता है या हवा में नष्ट हो सकता है। इससे किसान का खर्च बढ़ता है और फसल को पूरा पोषण नहीं मिल पाता।
सलाह: खेत से अतिरिक्त पानी निकलने दें और जब मिट्टी नम हो लेकिन पानी जमा न हो, तब यूरिया डालें।
अधिक यूरिया डालने से उत्पादन हमेशा नहीं बढ़ता, बल्कि फसल को नुकसान भी हो सकता है।
यदि अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना है, तो यूरिया डालने से बचें।
केवल यूरिया पर निर्भर न रहें। मिट्टी परीक्षण के अनुसार डीएपी, एनपीके या अन्य उर्वरकों का भी उपयोग करें।
खाद डालते समय दस्ताने और मास्क का उपयोग करना सुरक्षित रहता है।
यूरिया और अन्य उर्वरकों के बेहतर प्रबंधन के लिए ये उपकरण उपयोगी हैं:
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| प्रश्न | हाँ / नहीं |
|---|---|
| क्या खेत में पानी नहीं भरा है? | ☐ |
| क्या मिट्टी नम है? | ☐ |
| क्या अगले 24 घंटे में भारी बारिश नहीं है? | ☐ |
| क्या आपने सही मात्रा तय की है? | ☐ |
| क्या फसल की अवस्था के अनुसार खाद डाल रहे हैं? | ☐ |
यदि अधिकांश उत्तर "हाँ" हैं, तो यूरिया डालने का समय उपयुक्त हो सकता है।